विजय सिन्हा का नया फरमान, जमीन में फर्जीवाड़ा किया तो अब सीधे जाएंगे जेल

विजय सिन्हा का नया फरमान, जमीन में फर्जीवाड़ा किया तो अब सीधे जाएंगे जेल
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जमीन से जुड़े मामलों में फर्जीवाड़ा अब सीधे जेल पहुंचाएगा। बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इसको लेकर एक बार फिर सख्त आदेश जारी किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि जमीन से संबंधित किसी भी मामले में अगर कोई व्यक्ति गलत या फर्जी दस्तावेज देता है, तो अब सिर्फ उसका आवेदन रद्द नहीं होगा, बल्कि उसे जेल भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी।

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डिप्टी सीएम ने कहा कि नामांतरण, दाखिल–खारिज, सरकारी भूमि या किसी भी तरह के भू-राजस्व मामलों में जाली कागजात के जरिए खेल अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब तक नियम यह था कि फर्जी कागजात मिलने पर केवल आवेदन खारिज कर दिया जाता था, लेकिन अब नियम बदल दिए गए हैं।

विजय कुमार सिन्हा ने निर्देश दिया है कि अगर जमीन से जुड़े किसी भी मामले में फर्जी दस्तावेज सामने आते हैं, तो संबंधित अंचलाधिकारी खुद उस व्यक्ति के खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। अगर किसी स्तर पर लापरवाही हुई या फर्जीवाड़ा करने वाले को संरक्षण दिया गया, तो उसे गंभीर गड़बड़ी माना जाएगा और संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी।

डिप्टी सीएम के आदेश के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव गोपाल मीणा ने सभी अंचलाधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में साफ कहा गया है कि भू-राजस्व से जुड़े किसी भी मामले में अगर जाली, फर्जी या गलत दस्तावेज पेश किए जाते हैं, तो भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज कराई जाए।

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वहीं निजी या रैयती जमीन के मामलों में जांच के बाद अंचलाधिकारी या राजस्व पदाधिकारी की अनुशंसा पर परिवादी के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जाली दस्तावेजों के आधार पर कोई आदेश पारित नहीं किया जाएगा। अगर पहले ऐसा कोई आदेश हो चुका है, तो उसकी विधि-सम्मत समीक्षा कर कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने साफ कर दिया है कि ऐसे मामलों को दबाना या एफआईआर दर्ज न कराना कर्तव्य में घोर लापरवाही और कदाचार माना जाएगा, जिसके लिए संबंधित अंचलाधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। इस आदेश की प्रतिलिपि सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों और भूमि सुधार अधिकारियों को भी भेज दी गई है।